गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति
बेतिया में आयोजित जिला कार्यकारिणी कार्यशाला सह संगठनात्मक बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि जनसुराज का उद्देश्य बिहार के हर गांव तक संगठन को पहुंचाना है। इसके लिए संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले तीन से चार महीनों में कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनसुराज के विचार और बिहार बदलाव के संकल्प को जनता तक पहुंचाएंगे।
पंचायत स्तर पर चुनावी तैयारी तेज
प्रशांत किशोर के अनुसार पार्टी अब पंचायत स्तर पर सक्रिय राजनीति में उतरने की तैयारी कर रही है। जिला परिषद, वार्ड सदस्य और पंच पदों पर उम्मीदवार उतारकर जमीनी स्तर पर जनसुराज की उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी। इस कदम को बिहार की स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
पारंपरिक राजनीति पर सवाल
बैठक के दौरान प्रशांत किशोर ने राज्य की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में लंबे समय से जाति, धर्म और प्रतीकात्मक मुद्दों के आधार पर राजनीति होती रही है, लेकिन इससे आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के पलायन और पेपर लीक जैसे मुद्दों को गंभीर बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
बांकीपुर उपचुनाव को बताया अहम मौका
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर कहा कि यह सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं बल्कि सरकार के कामकाज पर जनता की राय का अवसर है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव में विकास, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दें।
परिवारवाद और व्यवस्था पर बड़ी टिप्पणी
जनसुराज प्रमुख ने विभिन्न राजनीतिक दलों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता के हाथ में होता है, इसलिए मतदाताओं को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।
शिक्षा और प्रशासन पर भी बड़ा निशाना
प्रशांत किशोर ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों और विषयों से जुड़े हालिया बयानों पर भी टिप्पणी करते हुए शिक्षा प्रणाली में गंभीर सुधार की मांग की।
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