सोलर ऊर्जा से जुड़ेगा बिहार
राज्य सरकार की योजना के तहत बड़े पैमाने पर रूफटॉप सोलर सिस्टम और सौर ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। पहले चरण में लगभग 5 लाख घरों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे बिजली पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
केंद्र और राज्य मिलकर देगी सहायता
सरकार की योजना के अनुसार पहले चरण में राज्य के करीब 5 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रति घर सोलर संयंत्र लगाने के लिए 33,000 रुपये तक की सहायता केंद्र सरकार की ओर से दी जाएगी। इसके बाद बची हुई राशि का भार बिहार सरकार उठाएगी, ताकि आम लोगों को जेब से अधिक खर्च न करना पड़े।
अतिरिक्त बिजली बेचकर होगी कमाई
योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि उपभोक्ता केवल बिजली का उपयोग ही नहीं करेंगे, बल्कि बिजली उत्पादक भी बन सकेंगे। सरकार के मुताबिक यदि किसी घर में सोलर सिस्टम से 125 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन होता है, तो अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जाएगा। इसके बदले उपभोक्ता के बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। यानी घर की छत पर लगा सोलर प्लांट भविष्य में आय का स्रोत भी बन सकता है।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को फायदा
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। साथ ही सरकार पर बिजली सब्सिडी का वित्तीय भार भी धीरे-धीरे कम हो सकता है। यही कारण है कि इस पहल को राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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