तीन प्रमुख एक्सप्रेस-वे पर होगा काम
योजना के तहत तीन अलग-अलग रिवरफ्रंट एक्सप्रेस-वे विकसित किए जाएंगे, जिन्हें विश्वामित्र पथ, अंबिका पथ और नारायणी पथ नाम दिया गया है। इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित करने की तैयारी है, जिससे बुनियादी ढांचा विकास को गति मिलेगी और सरकारी वित्तीय बोझ भी सीमित रहेगा।
विश्वामित्र पथ से यूपी तक सफर होगा आसान
प्रस्तावित विश्वामित्र पथ लगभग 90 किलोमीटर लंबा होगा। यह मार्ग मनेर, आरा और बक्सर को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से संपर्क स्थापित करेगा। इसके बनने के बाद बिहार से लखनऊ और दिल्ली की यात्रा अधिक सुगम और कम समय वाली हो सकती है। इससे पश्चिमी बिहार के जिलों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
अंबिका पथ से पटना क्षेत्र को मिलेगी राहत
करीब 56 किलोमीटर लंबे अंबिका पथ का उद्देश्य पटना और उसके आसपास के क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाना है। यह मार्ग कई महत्वपूर्ण पुलों और संपर्क मार्गों से जुड़कर लोगों को वैकल्पिक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके निर्माण से राजधानी क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
नारायणी पथ से व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
गंडक नदी के किनारे प्रस्तावित नारायणी पथ लगभग 74 किलोमीटर लंबा होगा। यह मार्ग सारण और गोपालगंज क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा। साथ ही यह पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर से कनेक्टिविटी बढ़ाकर माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगा। दियारा क्षेत्रों के विकास में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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