यूपी के किसानों को बड़ी सौगात, सभी 75 जिलों में शुरू हुई नई सुविधा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को रसायन मुक्त खेती की ओर प्रेरित करने और कृषि उत्पादन को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य किसानों को आधुनिक और प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ना है।

14 से 16 जून तक सभी जिलों में कृषि एवं आरोग्य मेले

कार्यक्रम की शुरुआत 14 से 16 जून के बीच होने वाले ‘कृषि एवं आरोग्य मेले’ से होगी। इन मेलों में किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही, फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग की तकनीकों पर भी चर्चा होगी।

17 और 18 जून को प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला

मेले के बाद 17 और 18 जून को हर जिले में दो दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में विशेषज्ञ किसानों को जैविक खेती, कम लागत वाली कृषि तकनीक और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों के बारे में जानकारी देंगे।

21 जून को मनाया जाएगा योग दिवस

कृषि विभाग की योजना के अनुसार 21 जून को सभी कृषि फार्मों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से किसानों को स्वास्थ्य और कृषि गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

‘खेत बचाओ अभियान’ से जुड़ेंगे किसान

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने निर्देश दिया है कि राज्य के सभी राजकीय कृषि फार्मों को ‘खेत बचाओ अभियान’ से जोड़ा जाए, जो 30 जून तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य खेतों की गुणवत्ता को सुधारना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है।

कृषि यंत्रों और योजनाओं पर भी फोकस

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि किसानों को समय पर कृषि यंत्रों की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और तकनीकी सहायकों का मानदेय समय पर भुगतान किया जाए। इससे कृषि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि मौसम के प्रभाव को देखते हुए किसान खेतों की मेड़ों पर पौधारोपण करें और अरहर जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा दें।

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