सरकारी जमीनों की होगी विशेष पहचान
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों में गैर मजरूआ आम जमीनों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को ऐसी भूमि का सत्यापन कर उसकी सूची तैयार करने को कहा गया है, ताकि सरकारी संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
अवैध जमीन कारोबार पर सख्ती
पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें सरकारी और गैर मजरूआ जमीनों के गलत तरीके से हस्तांतरण की बात कही गई थी। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने अब कड़ा रुख अपनाया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक रहेगी।
गलत जमाबंदी की होगी समीक्षा
राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि किसी गैर मजरूआ आम जमीन की गलत तरीके से जमाबंदी की गई है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित रिकॉर्ड की समीक्षा की जाएगी।
अंचल स्तर पर होगी निगरानी
भूमि सुधार विभाग ने अंचल अधिकारियों को सरकारी जमीनों की सूची का सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र की कोई भी सरकारी भूमि रिकॉर्ड से बाहर न रहे। इसके लिए विस्तृत जांच और दस्तावेजों के मिलान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे भूमि रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाया जा सके।
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