बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए लिया गया फैसला
लखनऊ-सुलतानपुर हाईवे अब केवल एक मार्ग नहीं बल्कि कई प्रमुख सड़कों को जोड़ने वाला अहम ट्रांजिट रूट बन चुका है। बांदा-बहराइच, हैदरगढ़-रायबरेली, गंगागंज-बाराबंकी और गोसाईगंज-मोहनलालगंज जैसे मार्गों का यातायात इसी हाईवे से होकर गुजरता है। इसके कारण इस सड़क पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
तीन स्थानों पर बनेंगे बाईपास
NHAI की परियोजना इकाई द्वारा गोसाईगंज, गंगागंज और हैदरगढ़ में बाईपास निर्माण का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह प्रस्ताव अगले कुछ महीनों में पूरा कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी और फिर निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा।
रोजाना हजारों वाहनों का दबाव
इस हाईवे पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। अनुमान के अनुसार लगभग 8 हजार से अधिक वाहन रोजाना इस मार्ग का उपयोग करते हैं। वहीं बारा टोल प्लाजा से हर दिन करीब 10 हजार वाहनों की आवाजाही दर्ज की जाती है, जिनमें बड़ी संख्या में ट्रक और बसें शामिल हैं।
स्थानीय क्षेत्रों को मिलेगी बड़ी राहत
बाईपास बनने के बाद गोसाईगंज, गंगागंज और हैदरगढ़ जैसे नगर क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा। इससे न केवल जाम की समस्या घटेगी बल्कि स्थानीय लोगों के लिए यात्रा समय भी कम हो जाएगा। व्यापारिक और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।
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