रजिस्ट्री के साथ ही अपडेट होगा रिकॉर्ड
नई व्यवस्था के तहत जैसे ही किसी संपत्ति की रजिस्ट्री होगी, उसकी जानकारी सीधे राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट हो जाएगी। इससे अलग से नामांतरण के लिए आवेदन करने की आवश्यकता समाप्त हो सकती है। सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है।
ई-खतौनी और डिजिटल रिकॉर्ड को बढ़ावा
नई व्यवस्था में ई-खतौनी और डिजिटल रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे जमीन से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे और किसी भी तरह की जांच या सत्यापन प्रक्रिया आसान हो जाएगी। इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
तहसील के चक्कर से मिलेगी मुक्ति
अभी तक लोगों को रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज के लिए तहसीलों में अलग से आवेदन करना पड़ता है, जिसके कारण कई बार प्रक्रिया महीनों तक लंबित रह जाती है। नई प्रणाली लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
सरकार का मानना है कि संपत्ति रिकॉर्ड और रजिस्ट्री डेटा के अलग-अलग होने के कारण कई तरह के विवाद और फर्जीवाड़े सामने आते हैं। डिजिटल इंटीग्रेशन के बाद एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे दोहरी बिक्री और गलत एंट्री जैसी समस्याओं पर रोक लगने की उम्मीद है।

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