परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि देश में परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब बिना किसी विवाद के परीक्षा संपन्न होना ही बड़ी खबर बन जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी दिखाई दे रही है, जिसका खामियाजा लाखों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी जताई चिंता
प्रशांत किशोर ने हाल ही में सामने आए कुछ परीक्षा परिणामों और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों की ओर से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और अंकों के निर्धारण को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों का भरोसा बना रहे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
जन सुराज के संस्थापक ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में लगातार विवाद सामने आने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए। उनके अनुसार यदि व्यवस्था में बार-बार कमियां उजागर हो रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में सुधार तभी संभव है जब जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
शिक्षा सुधार पर जोर
जन सुराज की ओर से यह भी कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाने की जरूरत है। छात्रों का भविष्य किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होता है और उससे जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
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