रक्षा सहयोग को मिलेगा नया आयाम
राष्ट्रपति पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि रूस केवल लड़ाकू विमान की आपूर्ति ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक रक्षा तकनीक के विकास और उत्पादन में भी भारत का साझेदार बनने को तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस भारत के साथ पांचवीं पीढ़ी की लड़ाकू विमान तकनीक साझा करने और संयुक्त विकास परियोजनाओं पर काम करने के लिए इच्छुक है।
ब्रह्मोस परियोजना का दिया उदाहरण
पुतिन ने भारत और रूस की सफल रक्षा साझेदारी का उदाहरण देते हुए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने संयुक्त विकास और उत्पादन के क्षेत्र में पहले भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और इसी मॉडल को भविष्य की परियोजनाओं में भी अपनाया जा सकता है।
भारत को मिल सकती है अत्याधुनिक तकनीक
रूस ने संकेत दिया है कि वह भारत को प्रमुख रक्षा प्लेटफॉर्म और हथियार प्रणालियों से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों तक पहुंच देने को तैयार है। इससे भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता को भी बढ़ावा मिल सकता है और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिल सकती है।

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