बिहार को नई रेल लाइन की सौगात, विकास को मिलेगी रफ्तार, बढ़ेगा रोजगार

न्यूज डेस्क। बिहार के भागलपुर जिले में पीरपैंती–गोड्डा रेल लाइन परियोजना को तय समय पर पूरा करने के लिए प्रशासनिक गतिविधियां अब और तेज हो गई हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन लगातार समीक्षा कर रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर काम में देरी न हो और भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में हुई प्रगति की समीक्षा

पीरपैंती प्रखंड कार्यालय में मंगलवार को एसडीएम कृष्ण चंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, पंचायत सचिव और संबंधित पंचायतों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों से अब तक की प्रगति और लंबित मामलों की जानकारी ली गई।

रैयतों को समय पर मुआवजा देने पर जोर

एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन किसानों और जमीन मालिकों का मुआवजा अभी लंबित है, उनका भुगतान जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के कर्मी सीधे रैयतों के पास जाकर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में सहायता करें, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या कागजी देरी न हो। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी प्रभावित लोगों को उनका हक समय पर मिले और परियोजना कार्य बाधित न हो।

86 एकड़ भूमि का अधिग्रहण

जानकारी के अनुसार, इस रेल लाइन परियोजना के लिए कुल पांच गांवों उदयपुरा, रिफातपुर, प्यालापुर, मंजरोही और परसबन्ना की भूमि अधिग्रहित की गई है। अब तक लगभग 442 रैयतों की करीब 86 एकड़ जमीन इस परियोजना के अंतर्गत ली जा चुकी है। इनमें से 300 से अधिक लोगों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि बाकी मामलों में कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही भुगतान किया जाएगा।

ओवरब्रिज का प्रस्ताव

बैठक के बाद एसडीएम ने परसबन्ना क्षेत्र का दौरा भी किया, जहां प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण होना है। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने रेलवे अभियंता को निर्देश दिया कि प्रस्तावित स्थल का तकनीकी सर्वे जल्द पूरा किया जाए और दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि आगे की कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।

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