सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से सीमित साधनों के बावजूद भी लोग देश की महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं का अनुभव प्राप्त कर सकें।
18 वर्ष से अधिक आयु के लोग होंगे पात्र
इस योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक आवेदन के पात्र होंगे। हर वर्ष सीमित संख्या में लोगों को इस यात्रा का लाभ दिया जाएगा। सरकारी व्यवस्था के अनुसार, हर साल अधिकतम 100 यात्रियों को सिंधु दर्शन यात्रा पर भेजा जाएगा।
यात्रा खर्च पर मिलेगा अनुदान
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यात्रा पूरी करने के बाद सरकार की ओर से वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। राज्य के मूल निवासियों को यात्रा के बाद यात्रा खर्च का 50 प्रतिशत तक अनुदान, या अधिकतम 20,000 रुपये प्रति यात्री की प्रतिपूर्ति राशि दी जाएगी। यह सहायता प्रतिपूर्ति अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी।
योजना का उद्देश्य क्या है?
सरकार का मानना है कि इस योजना से नागरिकों को देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल सामाजिक एकता और राष्ट्रीय एकीकरण को भी बढ़ावा देगी। यह योजना उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी, जो आर्थिक कारणों से ऐसी लंबी यात्राएं करने में सक्षम नहीं होते।
सीमित संख्या में चयन की व्यवस्था
चूंकि योजना के तहत हर साल केवल 100 लोगों को ही लाभ दिया जाएगा, इसलिए चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के आधार पर की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और योग्य लोगों को ही अवसर मिलेगा।

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