पांच बड़े शहरों में पहुंचेगा प्याज
सरकार के अनुसार शुरुआती चरण में चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी जैसे प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों तक प्याज पहुंचाया जाएगा। जरूरत के मुताबिक बाद में दूसरे शहरों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है। प्याज की आपूर्ति थोक और खुदरा दोनों बाजारों में की जाएगी। खास बात यह है कि खुदरा बाजार में सरकारी एजेंसियों NCCF और NAFED के माध्यम से प्याज करीब 35 रुपये प्रति किलो की दर पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे महंगे प्याज से राहत मिलने की उम्मीद है।
कीमतों में आया बड़ा उछाल
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 24 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 43.53 रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी। पिछले साल इसी अवधि में यह लगभग 27.37 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी प्याज के दाम काफी बढ़े हैं। सरकार कीमतों और बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि जहां जरूरत होगी, वहां बफर स्टॉक जारी कर बाजार में सप्लाई बढ़ाई जाएगी।
1.21 लाख टन का बफर स्टॉक
केंद्र सरकार के पास चालू वर्ष के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक मौजूद है। इसका इस्तेमाल बाजार में आपूर्ति कम होने या कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में किया जाता है। सरकार का कहना है कि घरेलू मांग पूरी करने के लिए प्याज की उपलब्धता फिलहाल संतोषजनक है।
कांदा एक्सप्रेस का बढ़ा दायरा
बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई के लिए कांदा एक्सप्रेस की शुरुआत 2024-25 में की गई थी। उस दौरान 14 रेलवे रेक के जरिए करीब 12 हजार टन प्याज पांच शहरों तक पहुंचाया गया था। अब इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए 2025-26 में 86 रेक के जरिए करीब 88 हजार टन प्याज 16 प्रमुख शहरों तक भेजा जा रहा है।

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