4.50 लाख रुपये तक मिलेगा अनुदान
प्रत्येक भंडारण इकाई की क्षमता करीब 50 मीट्रिक टन होगी। इसके निर्माण पर लगभग 6 लाख रुपये खर्च होंगे। योजना के तहत चयनित किसान को लागत का 75 प्रतिशत यानी 4.50 लाख रुपये तक सरकारी अनुदान मिलेगा, जबकि बाकी 1.50 लाख रुपये लाभार्थी को लगाने होंगे।
प्याज सड़ने से मिलेगी राहत
बिहार में हर साल बड़ी मात्रा में प्याज का उत्पादन होता है, लेकिन वैज्ञानिक और हवादार भंडारण की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार किसान कटाई के तुरंत बाद अपनी उपज कम कीमत पर बेच देते हैं। नए गोदाम बनने के बाद किसान प्याज को कई महीनों तक सुरक्षित रख सकेंगे। इससे उन्हें बाजार में कीमत बेहतर होने का इंतजार करने का विकल्प मिलेगा और मजबूरी में कम दाम पर बिक्री की स्थिति कम होगी।
समस्तीपुर में शुरू हुई तैयारी
समस्तीपुर जिले में इस योजना के तहत तीन भंडारण इकाइयों के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इससे जिले के हजारों प्याज उत्पादक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। विभाग की ओर से पात्र किसानों के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
कई जिलों में बनेगी स्टोरेज सुविधा
योजना के तहत पटना, समस्तीपुर, वैशाली, रोहतास, लखीसराय और नालंदा में तीन-तीन इकाइयां प्रस्तावित हैं। मधुबनी, पश्चिम चंपारण, भागलपुर, पूर्णिया, नवादा, खगड़िया, सारण, शेखपुरा, बेगूसराय, मुंगेर, बक्सर, सिवान, जहानाबाद, कैमूर और औरंगाबाद में दो-दो इकाइयां बनाई जाएंगी।
इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी एक-एक भंडारण इकाई को मंजूरी दी गई है। कुल 55 इकाइयों में सामान्य वर्ग के लिए 45, अनुसूचित जाति के लिए 9 और अनुसूचित जनजाति के लिए एक इकाई निर्धारित की गई है।
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