DBT के जरिए सीधे खाते में पैसा
सरकार इस राशि को डीबीटी के माध्यम से सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में भेज रही है। इससे खरीदारी की प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और पूरी व्यवस्था पहले के मुकाबले अधिक पारदर्शी बनी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से इस योजना के पहले चरण की शुरुआत की थी। पहले चरण में करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों को सहायता राशि भेजी गई। इसके बाद दूसरे चरण में 7.83 लाख और बच्चों को इसका लाभ दिया गया है।
स्कूल खुलते ही बच्चों को मिलेंगे जरूरी सामान
सरकार का जोर इस बात पर है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही बच्चों के पास पढ़ाई के लिए जरूरी सामान उपलब्ध हो। यूनिफॉर्म, बैग और स्टेशनरी जैसी जरूरतें पूरी होने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ स्कूल आने के प्रति उत्साह भी बढ़ सकता है।
किसी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के अनुसार, सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परेशानी किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने। पात्र विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया की निगरानी भी की जा रही है। इस पहल से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के परिवारों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

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