15 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू हो चुकी है। इच्छुक लोग 15 सितंबर तक डीबीटी पोर्टल या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पहल राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में तेल प्रसंस्करण को बढ़ावा देना है।
किन्हें मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ सरकारी या निजी उद्यम, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ/वीसीपी), पंजीकृत स्टार्टअप और सहकारी समितियां उठा सकती हैं। हालांकि, अनुदान केवल नई 10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर मिलेगा। एफपीओ के लिए कम से कम दो साल से पंजीकृत और सक्रिय होना जरूरी है। इसके अलावा परियोजना की लागत में आवेदक को कम से कम 15 प्रतिशत अपना अंशदान लगाना होगा।
इन खर्चों पर नहीं मिलेगा अनुदान
योजना के तहत भूमि खरीद या उससे जुड़े खर्च, बिजली, श्रमिकों के वेतन और अन्य संचालन संबंधी खर्चों को अनुदान में शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार की इस पहल से राज्य में तिलहन की प्रोसेसिंग बढ़ने के साथ किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और छोटे कारोबार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं।

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