टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को मिलेगा लाभ
योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं का चयन किया जाएगा। इसके अलावा शहीद परिवारों की मेधावी, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को सामान्य मेरिट से 10 प्रतिशत तक कम अंक होने पर भी पात्रता दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। इसमें राज्य और निजी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ संबंधित राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की छात्राएं भी शामिल होंगी।
विशेष श्रेणी की छात्राओं को भी मौका
शहीद परिवारों से जुड़ी छात्राओं के लिए अलग प्रावधान रखा गया है। वहीं, निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली दिव्यांग छात्राओं को स्कूटी के साथ आवश्यक रेट्रोफिटेड स्टेबलाइजर किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। निराश्रित श्रेणी में ऐसी छात्राओं को शामिल किया जाएगा, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी हो और परिवार में उनके भरण-पोषण का कोई अन्य साधन न हो। इसके लिए परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है।
कैसे होगा छात्राओं का चयन?
पोर्टल शुरू होने के बाद विश्वविद्यालयों को पात्र छात्राओं की सूची तैयार कर संबंधित जिलाधिकारी और उच्च शिक्षा विभाग को भेजनी होगी। इसके बाद जिला स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। चयनित छात्राओं को अधिकृत वेंडर के माध्यम से स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।
स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं
सरकार ने स्कूटी के पैकेज में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाओं को भी शामिल किया है। इसमें पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्क वाला हेलमेट, चार लीटर पेट्रोल और जरूरी एसेसरीज शामिल होंगी। हर जिले में कार्यक्रम आयोजित कर चयनित छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी।

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