1 सितंबर से कर सकेंगे आवेदन
जिन विद्यार्थियों की पात्रता पूरी थी, लेकिन किसी तकनीकी समस्या या प्रक्रिया में कमी के कारण उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी, वे दोबारा आवेदन कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसे पात्र छात्रों को योजना के लाभ से बाहर नहीं रहने देना है। वंचित विद्यार्थियों में 31,836 सरकारी संस्थानों, 37,795 सहायता प्राप्त संस्थानों और 2,46,426 निजी संस्थानों के छात्र शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा विद्यार्थी निजी संस्थानों से हैं।
इस तारीख के बीच आएगी रकम
सरकार के अनुसार पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच भेजी जाएगी। भुगतान PFMS के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा।
कई वर्गों के छात्रों को मिलेगा लाभ
इस फैसले का फायदा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को मिल सकता है। पोर्टल दोबारा खुलने से उन छात्रों को अपनी गलती सुधारने और आवेदन पूरा करने का मौका मिलेगा, जो पिछले सत्र में लाभ लेने से रह गए थे।
प्रदेश सरकार का क्या है मकसद?
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि किसी भी पात्र विद्यार्थी की पढ़ाई आर्थिक परेशानी या तकनीकी खामी के कारण नहीं रुकनी चाहिए। सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था से पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। इस फैसले से उन 3.16 लाख विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पात्र होने के बावजूद पिछले सत्र में छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया था।
.png)
0 comments:
Post a Comment