अब दो साल का अंतर जरूरी नहीं
पहले नियम के मुताबिक, दूसरी बार मातृत्व अवकाश तभी मिल सकता था, जब पहले बच्चे के लिए लिए गए अवकाश की समाप्ति के बाद कम से कम दो साल का अंतर पूरा हो चुका हो। इस शर्त के कारण कम अंतराल में दूसरी संतान होने पर कई महिला कर्मचारियों को अवकाश लेने में दिक्कत आती थी। अब सरकार ने इस शर्त को समाप्त करने का फैसला किया है। यानी पात्र महिला कर्मचारी को केवल दो साल का अंतर पूरा नहीं होने के आधार पर मातृत्व अवकाश से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदला नियम
मातृत्व अवकाश के दो साल के अंतर से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की गई थी। अदालत ने माना था कि यदि महिला कर्मचारी सेवा नियमों के तहत दूसरी संतान के लिए मातृत्व अवकाश की पात्र है तो सिर्फ दो साल का अंतर नहीं होने के आधार पर उसका आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता। इसके बाद राज्य सरकार ने संबंधित नियम में बदलाव करने का निर्णय लिया है।
दो बार मिल सकता है 180 दिन का अवकाश
नियमों के अनुसार महिला सरकारी कर्मचारी को पूरे सेवाकाल में अधिकतम दो बार 180-180 दिनों का मातृत्व अवकाश मिल सकता है। इसमें गोद ली गई संतान के मामले भी शामिल हैं। नए बदलाव से पात्र महिला कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ लेने में पहले के मुकाबले अधिक आसानी होगी।

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