इस फैसले के तहत ऐसे कर्मचारियों की पहचान की जाएगी, जो लगातार तीन साल से अधिक समय से एक ही डेस्क या प्रभार पर काम कर रहे हैं। उन्हें दूसरी जिम्मेदारी या अलग कार्य सौंपा जाएगा।
क्यों लिया गया फैसला?
विभाग का मानना है कि किसी कर्मचारी को लंबे समय तक एक ही जिम्मेदारी देने से कार्यालयी व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इसलिए कर्मचारियों के कार्यों में समय-समय पर बदलाव जरूरी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन को बढ़ावा देना है।
इनपर लागू होगा नियम
नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही डेस्क या प्रभार संभाल रहे कर्मचारियों को इस रोटेशन के दायरे में रखा गया है। संबंधित अधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनकी जिम्मेदारी बदलने को कहा गया है।
एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी संबंधित निकायों को निर्देश दिया है कि आदेश पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। रोटेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक सप्ताह के भीतर विभाग को रिपोर्ट भेजनी होगी। सरकार के इस कदम से नगर निकाय कार्यालयों में जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा होने की उम्मीद है। साथ ही लंबे समय से एक ही पद या डेस्क पर काम कर रहे कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

0 comments:
Post a Comment