बिहार में सस्ता होगा बालू? खुलेंगे नए घाट, 15 अक्टूबर के बाद शुरू होगी नीलामी

पटना। बिहार में बालू की उपलब्धता बढ़ाने और निर्माण कार्यों को रफ्तार देने के लिए सरकार ने नई तैयारी शुरू कर दी है। खान एवं भूतत्व विभाग अब राज्य में नए संभावित बालू घाटों की पहचान करेगा। इसके लिए जिलों के अधिकारियों को स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। माना जा रहा है कि नए घाट खुलने से बाजार में बालू की आपूर्ति बढ़ सकती है।

सर्वे के बाद तय होंगे नए घाट

नए घाटों की पहचान के बाद संबंधित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जियो सर्वे के जरिए वहां उपलब्ध बालू की मात्रा का आकलन होगा। रिपोर्ट के आधार पर जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। सरकार करीब 8 से 10 फीसदी नए संभावित घाट चिह्नित करने की तैयारी में है।

हर जगह नहीं हो सकेगा खनन

सरकार ने नए बालू घाट तय करने में पर्यावरण और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। नदी के कटाव वाले संवेदनशील इलाकों, आबादी के बेहद करीब के क्षेत्रों और ऐसे स्थानों को खनन से बाहर रखा जाएगा, जहां लोगों या संपत्ति को नुकसान का खतरा हो।

अवैध खनन पर भी कसेगा शिकंजा

नए घाटों के साथ निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। बालू भंडारण स्थलों की जियो-फेंसिंग और परिवहन करने वाले वाहनों की GPS से निगरानी की जाएगी। इससे अवैध खनन और बालू की चोरी पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

15 अक्टूबर के बाद नीलामी की तैयारी

विभाग के अनुसार 15 अक्टूबर के बाद बालू घाटों को फिर से खोलने और नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। नए घाट शामिल होने से बालू की उपलब्धता बढ़ सकती है। इसका फायदा निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों और कारोबारियों को मिलने की उम्मीद है।

सरकार का उद्देश्य बालू की आपूर्ति बढ़ाने के साथ अवैध खनन पर रोक लगाना और राजस्व में वृद्धि करना भी है। हालांकि, बालू की कीमत वास्तव में कितनी कम होगी, यह नई नीलामी और बाजार में आपूर्ति बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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