3 लाख रुपये तक के ऋण पर लाभ
नई व्यवस्था के तहत फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण और अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर ब्याज में राहत दी जाएगी। अधिकतम 3 लाख रुपये तक की ऋण राशि पर यह अतिरिक्त छूट लागू होगी। किसान ने अगर 3 लाख रुपये से ज्यादा का कृषि ऋण लिया है, तब भी ब्याज सब्सिडी का लाभ अधिकतम 3 लाख रुपये की सीमा तक ही मिलेगा। इससे किसानों को खेती के लिए जरूरी पूंजी जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रभावी ब्याज दर घटकर 3 प्रतिशत तक
कृषि ऋण पर सामान्य ब्याज दर करीब 7 प्रतिशत मानी जाती है। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली 3 प्रतिशत ब्याज छूट के बाद बिहार सरकार अतिरिक्त 1 प्रतिशत राहत देगी। इस तरह पात्र किसानों के लिए तय शर्तों के तहत प्रभावी ब्याज दर 3 प्रतिशत तक आ सकती है। इसका सीधा फायदा उन किसानों को मिलेगा, जो समय पर अपना कर्ज चुकाते हैं।
छोटे किसानों से लेकर बटाईदारों तक को फायदा
योजना में छोटे और सीमांत किसानों के साथ अन्य पात्र किसान भी शामिल होंगे। इसके अलावा बटाईदार किसान, मौखिक पट्टेदार और संयुक्त देयता समूह (JLG) से जुड़े पात्र सदस्य भी इसका लाभ ले सकेंगे। कृषि ऋण अगर वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक से लिया गया है और वह निर्धारित श्रेणी में आता है, तो किसान योजना के तहत ब्याज राहत का लाभ ले सकते हैं।
इस योजना का लाभ के लिए समय पर कर्ज चुकाना जरूरी
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को एक अहम शर्त पूरी करनी होगी। उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना कृषि ऋण चुकाना होगा। समय पर भुगतान नहीं करने वाले किसानों को ब्याज सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार को उम्मीद है कि ब्याज में राहत मिलने से किसान बीज, खाद, सिंचाई और दूसरी कृषि जरूरतों पर बेहतर तरीके से निवेश कर सकेंगे।
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