एक अधिकारी को मिलेगी एक स्कूल की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने 'एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल' व्यवस्था पर जोर दिया है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों को मॉडल स्कूलों की जिम्मेदारी दी जाएगी। अधिकारी स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं और अन्य जरूरतों की नियमित निगरानी करेंगे। इससे स्कूलों के प्रबंधन में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हर तीन महीने में होगी PTM
मॉडल स्कूलों में अब हर तीन महीने पर अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) कराने पर भी जोर दिया गया है। इसमें बच्चों की पढ़ाई और प्रदर्शन की समीक्षा के साथ उनकी समस्याओं पर भी चर्चा होगी। इससे अभिभावकों की स्कूल और बच्चों की शिक्षा में भागीदारी बढ़ सकती है।
पूर्व छात्रों से मिलेगा मार्गदर्शन
सरकार मॉडल स्कूलों के पुराने विद्यार्थियों को भी स्कूल से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। Alumni के अनुभव और विशेषज्ञता का इस्तेमाल वर्तमान विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में किया जाएगा। इससे बच्चों को करियर और उच्च शिक्षा के विकल्पों को समझने में मदद मिल सकती है।
JEE-NEET की तैयारी पर भी फोकस
मॉडल स्कूलों के विद्यार्थियों को JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री और जरूरी संसाधनों से विद्यार्थियों को जोड़ने पर जोर रहेगा।
24 घंटे डिजिटल लर्निंग की सुविधा
विद्यार्थियों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग और 24×7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी योजना है। इससे छात्र स्कूल की पढ़ाई के अलावा डिजिटल माध्यम से अतिरिक्त अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। सरकार की इस पहल का उद्देश्य मॉडल स्कूलों में बेहतर निगरानी, अभिभावकों की भागीदारी, डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को एक साथ मजबूत करना है।

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