केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने फल्गु नदी को लेकर चल रही पहल पर खुशी जताते हुए इसे गयाजी के विकास के लिए अहम कदम बताया है। उनके मुताबिक दिल्ली में केंद्रीय स्तर पर हुई बैठक में नदी के पुनर्जीवन के लिए तैयार किए जा रहे ब्लूप्रिंट पर चर्चा की गई।
पितृपक्ष से पहले बड़ी पहल
फल्गु नदी गयाजी की धार्मिक पहचान से गहराई से जुड़ी है। पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नदी में बेहतर जलधारा की व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिल सकती है।
नदियों को जोड़ने पर भी जोर
फल्गु के पुनर्जीवन के साथ भविष्य में नदियों को आपस में जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम किए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य गयाजी के विकास को व्यापक रूप देना है। नदी में पर्याप्त पानी रहने से धार्मिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पेयजल संकट में मिल सकती है राहत
फल्गु नदी में सालभर जलधारा बनाए रखने की योजना सफल होती है तो इसका फायदा स्थानीय लोगों को भी मिल सकता है। पेयजल व्यवस्था बेहतर होने के साथ नदी के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन और अन्य गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। केंद्रीय स्तर पर हुई बैठक में नदी की उड़ाही और आगे की कार्ययोजना को लेकर चर्चा हो चुकी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि फल्गु नदी के पुनर्जीवन की योजना कब धरातल पर उतरती है।

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