1. फैटी लिवर
फैटी लिवर में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है। शुरुआती दौर में अक्सर इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। कुछ लोगों को थकान या पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में असहजता महसूस हो सकती है। अगर समय रहते जीवनशैली और चिकित्सकीय सलाह पर ध्यान न दिया जाए तो कुछ मामलों में यह बीमारी आगे चलकर लिवर में सूजन और गंभीर क्षति का कारण बन सकती है।
2. हेपेटाइटिस
हेपेटाइटिस में लिवर में सूजन होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं और वायरल हेपेटाइटिस इसके प्रमुख कारणों में शामिल है। इसके संभावित संकेतों में थकान, भूख कम लगना, मतली, पेट में परेशानी, गहरे रंग का पेशाब और आंखों या त्वचा का पीला पड़ना शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि कई लोगों में शुरुआती चरण में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए जोखिम होने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराना महत्वपूर्ण है।
3. लिवर सिरोसिस
सिरोसिस में लंबे समय तक लिवर को नुकसान पहुंचने के बाद उसमें स्थायी दाग और कठोरता विकसित हो सकती है। शुरुआत में थकान, भूख कम लगना, वजन घटना और पेट में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। बीमारी बढ़ने पर पीलिया और पेट में पानी जमा होने जैसी समस्या दिखाई दे सकती है। कई मामलों में लिवर की बीमारी काफी आगे बढ़ने तक स्पष्ट संकेत नहीं देती। इसलिए लगातार कमजोरी, भूख में कमी, पेट में सूजन या आंखों का पीला होना जैसे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आंखें, त्वचा और पेट में दिखें ये संकेत तो रहें सतर्क
आंखों या त्वचा का पीला होना, पेशाब का गहरा रंग, पेट में लगातार दर्द या असामान्य सूजन, बिना वजह वजन घटना और अत्यधिक थकान लिवर की समस्या से जुड़े संकेत हो सकते हैं। हालांकि इन लक्षणों के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

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