चंपारण से शुरू हो सकती है यात्रा
प्रस्तावित यात्रा को कई चरणों में पूरा करने की तैयारी है। एक चरण में करीब तीन से चार जिलों को शामिल किया जा सकता है। इसकी शुरुआत पश्चिमी चंपारण से होने की संभावना है, जबकि सभी जिलों का दौरा पूरा होने के बाद पटना में समापन हो सकता है। हालांकि, अंतिम कार्यक्रम पर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मुहर लगना बाकी है।
बांकीपुर की जीत से बढ़ा उत्साह
बांकीपुर उपचुनाव में मिली जीत ने जन सुराज के कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। पार्टी के मुताबिक इस जीत के बाद अब संगठन को प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक ले जाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशांत किशोर की यात्रा इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
MLC और पंचायत चुनाव पर नजर
आने वाले चुनावों को देखते हुए यह यात्रा जन सुराज के लिए काफी अहम मानी जा रही है। पार्टी की नजर विधान परिषद चुनाव के साथ भविष्य के पंचायत चुनावों पर भी है। ऐसे में जिलों का दौरा कर स्थानीय स्तर पर संगठन मजबूत करने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की कोशिश की जा सकती है।
जनता से सीधा संवाद होगा फोकस
जन सुराज का कहना है कि लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना पार्टी की राजनीति का अहम हिस्सा रहा है। यात्रा के दौरान प्रशांत किशोर गांवों और कस्बों में पहुंचकर स्थानीय मुद्दों पर लोगों से बातचीत कर सकते हैं। साथ ही सदस्यता अभियान को भी गति देने की तैयारी है।
प्रशांत किशोर पहले भी बिहार में लंबी पदयात्रा कर चुके हैं। अब बांकीपुर की जीत के बाद 38 जिलों की प्रस्तावित यात्रा के जरिए जन सुराज पूरे बिहार में अपना संगठन और जनाधार मजबूत करने की कोशिश करता नजर आ सकता है।

0 comments:
Post a Comment