यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 14 जिलों के लिए आई खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने लंबे समय से बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन का इस्तेमाल औद्योगिक विकास के लिए करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए बंद मिलों की जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि जमीन हस्तांतरण पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी जाएगी।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 14 जिलों में खाली पड़ी करीब 450 एकड़ से अधिक जमीन का उपयोग औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। इससे इन क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित होने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

इन 14 जिलों में होगा जमीन का इस्तेमाल

बंद पड़ी कताई मिलों की जमीन कानपुर, बाराबंकी, प्रयागराज, बांदा, रायबरेली, हरदोई, बलिया के रसड़ा, सीतापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, मेरठ और बिजनौर में मौजूद है। इन मिलों के बंद होने के बाद बड़ी मात्रा में जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी। अब सरकार इसे औद्योगिक विकास की दिशा में इस्तेमाल करना चाहती है।

यूपीसीडा विकसित करेगा औद्योगिक सुविधाएं

जमीन मिलने के बाद यूपीसीडा अपनी योजना के अनुसार वहां औद्योगिक अवस्थापना तैयार करेगा। इसका उद्देश्य खाली पड़ी जमीन को नए उद्योगों और निवेश के लिए उपयोगी बनाना है। कई जगहों पर यूपीसीडा ने इन जमीनों को अपने औद्योगिक प्रोजेक्ट में शामिल भी कर लिया है। कुछ स्थानों पर आधारभूत सुविधाओं का विकास शुरू हो चुका है, जबकि अन्य जगहों पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

शहरों में ही रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद

बंद कताई मिलों की कई जमीनें शहरों के भीतर या प्रमुख शहरी क्षेत्रों के आसपास स्थित हैं। ऐसे में यहां उद्योग विकसित होने पर स्थानीय लोगों को रोजगार के लिए दूसरे शहरों का रुख कम करना पड़ सकता है। सरकार को उम्मीद है कि इन जमीनों का बेहतर इस्तेमाल होने से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और संबंधित जिलों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

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