डिजिटल हस्ताक्षर और यूजर आईडी की सुविधा
नई व्यवस्था में दस्तावेजनवीसों के लिए डिजिटल हस्ताक्षर की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। विभाग की ओर से उन्हें यूजर आईडी भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, सॉफ्टवेयर में एकपक्षीय निबंधन की सुविधा विकसित करने और दस्तावेजनवीसों को आवश्यक प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है। रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति का नजरी नक्शा और पक्षकार के हस्ताक्षर ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे। भूमि और संपत्ति से जुड़ी जानकारी हिंदी में दर्ज करने की सुविधा भी सॉफ्टवेयर में उपलब्ध कराने की तैयारी है।
सेवा शुल्क घटकर 500 रुपये होगा
डीड राइटरों और सेवा प्रदाताओं के लिए एक और राहत भरा फैसला लिया गया है। स्कोर के तहत ली जाने वाली सेवा शुल्क की राशि 1000 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने पर सहमति बनी है। इससे रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
ई-स्टाम्प के लिए खुलेगा वॉलेट अकाउंट
सेवा प्रदाताओं के लिए ई-स्टाम्प की क्रेडिट सीमा खरीदने और राशि के लेन-देन के लिए वॉलेट अकाउंट की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके अलावा तकनीकी सहायता, लाइसेंस और सेवा प्रदाताओं के उत्तराधिकारियों को अनुकंपा के आधार पर लाइसेंस देने जैसे मुद्दों पर भी व्यवस्था बनाने की बात कही गई है।
सरकार की इन तैयारियों से बिहार में रजिस्ट्री प्रक्रिया के अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। खासकर पेपरलेस निबंधन को गति मिलने से लोगों को दस्तावेज तैयार कराने और रजिस्ट्री कराने में पहले के मुकाबले कम परेशानी हो सकती है।
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