ऑनलाइन दर्ज हो रहा राशन का पूरा रिकॉर्ड
अब राशन की दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक और लाभार्थियों को किए गए वितरण की जानकारी डिजिटल सिस्टम में दर्ज होती है। इससे संबंधित अधिकारी ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए दुकानों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई करना भी पहले के मुकाबले आसान हुआ है।
ई-केवाईसी से अपडेट हो रहा रिकॉर्ड
राशन कार्डधारकों के रिकॉर्ड को दुरुस्त रखने के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 93.5 प्रतिशत राशन कार्डों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों की पहचान को अधिक सटीक बनाना और गलत तरीके से योजना का लाभ लेने की संभावना कम करना है।
आधार से जुड़ी व्यवस्था भी मजबूत
पीडीएस में आधार आधारित पहचान को भी मजबूत किया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 99.99 प्रतिशत आधार फीडिंग और 99.98 प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण का स्तर हासिल किया जा चुका है। इससे राशन लेते समय लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
पात्र लोगों तक पहुंचेगा उनका हक
डिजिटल रिकॉर्ड, ई-केवाईसी और आधार प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाओं का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। ऑनलाइन निगरानी बढ़ने से राशन दुकानों के स्टॉक और वितरण में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
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