पायलट प्रोजेक्ट के सफल परीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इसे लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
डिजिटल रुपये से मिलेगी खाद्य सब्सिडी
नई व्यवस्था में खाद्य सब्सिडी पारंपरिक बैंक खाते में भेजने के बजाय पात्र लाभार्थी के डिजिटल रुपये वॉलेट में ट्रांसफर की जा सकती है। यह राशि खास तौर पर खाद्यान्न खरीदने के लिए निर्धारित होगी। इससे सरकार को यह पता लगाने में आसानी होगी कि सब्सिडी का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। साथ ही राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों और लीकेज को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्मार्टफोन और मोबाइल वालों को सुविधा
स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले लाभार्थी राशन दुकान पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। वहीं, सामान्य मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए ओटीपी आधारित वाउचर की व्यवस्था की जा सकती है। दुकानदार के सिस्टम में ओटीपी दर्ज होते ही निर्धारित भुगतान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इस नई व्यवस्था से फर्जी एंट्री पर लगेगी रोक
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत लेनदेन की डिजिटल ट्रैकिंग होगी। सब्सिडी और खाद्यान्न खरीद की प्रक्रिया रिकॉर्ड होने से फर्जी राशन वितरण या पिछली तारीख में गलत एंट्री करने जैसी गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिल सकती है। अगर किसी लाभार्थी का डिजिटल वाउचर तय समय में इस्तेमाल नहीं होता है, तो राशि वापस सरकारी खाते में लौटने की व्यवस्था भी रखी जा सकती है।

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