मुद्रा योजना में चार तरह के लोन
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कारोबार की जरूरत और उसके स्तर के हिसाब से चार श्रेणियां बनाई गई हैं।
शिशु: इसमें 50 हजार रुपये तक का लोन मिल सकता है। यह छोटे या नए कारोबार के लिए है।
किशोर: 50 हजार से 5 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद इस श्रेणी में आती है। कारोबार को आगे बढ़ाने वाले उद्यमी इसका लाभ ले सकते हैं।
तरुण: 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का लोन स्थापित छोटे कारोबार के विस्तार के लिए लिया जा सकता है।
तरुण प्लस: इस श्रेणी में 10 लाख से 20 लाख रुपये तक लोन की सुविधा है, लेकिन इसके लिए विशेष पात्रता जरूरी है।
20 लाख रुपये का लोन किसे मिलेगा?
तरुण प्लस श्रेणी की सबसे अहम शर्त यह है कि इसका लाभ पहली बार मुद्रा लोन लेने वाले व्यक्ति को सीधे नहीं मिलता। आवेदक ने पहले तरुण श्रेणी के तहत मुद्रा लोन लिया हो और उसे सफलतापूर्वक चुका दिया हो, तभी वह तरुण प्लस के लिए पात्र हो सकता है। यानी नया कारोबार शुरू करने वाला व्यक्ति सीधे 20 लाख रुपये के लोन का दावा नहीं कर सकता।
किन कामों के लिए लिया जा सकता है?
मुद्रा योजना के तहत मिलने वाली राशि का इस्तेमाल पात्र कारोबारी अपने व्यवसाय से जुड़ी जरूरतों के लिए कर सकते हैं। कारोबार शुरू करने, मशीनरी या उपकरण खरीदने, कामकाज बढ़ाने और दूसरे व्यावसायिक खर्चों के लिए वित्तीय सहायता ली जा सकती है।
कारोबारियों के लिए क्यों खास है योजना?
इस योजना का उद्देश्य छोटे कारोबारियों और माइक्रो उद्यमों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उन्हें कारोबार बढ़ाने के लिए पूंजी उपलब्ध कराना है। खास तौर पर उन लोगों के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है, जिन्हें पारंपरिक बिजनेस लोन लेने में दिक्कत आती है।

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