क्या है ‘प्रोजेक्ट विष्णु’?
DRDO का ‘प्रोजेक्ट विष्णु’ भारत को हाइपरसोनिक तकनीक में आत्मनिर्भर और अग्रणी राष्ट्र बनाने का प्रयास है। इस परियोजना में तीन प्रमुख आयाम शामिल हैं: हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल्स (HGVs), हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलें (HCMs) और एंटी-हाइपरसोनिक डिफेंस सिस्टम। भारत ‘प्रोजेक्ट विष्णु’ के तहत 12 अलग-अलग हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम बनाने की तैयारी कर रहा हैं।
हाइपरसोनिक हथियार: युद्ध की नई परिभाषा
हाइपरसोनिक मिसाइलें Mach 5 यानी लगभग 6,200 किमी/घंटा से अधिक गति से उड़ान भरती हैं। DRDO द्वारा विकसित की जा रही ET-LDHCM जैसी मिसाइलें Mach 8 तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं। इनकी तेज गति, दिशा बदलने की क्षमता और कम ऊंचाई पर उड़ान इन्हें दुश्मन के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम से लगभग अजेय बना देती है।
भारत के लिए तकनीकी सफलता की कहानी
भारत ने हाइपरसोनिक तकनीक पर वर्षों तक शोध कर अब ठोस सफलता हासिल की है। 2020 में, भारत ने हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल (HSTDV) का सफल परीक्षण किया था, जिसमें 22-23 सेकंड तक Mach 6 की गति पाई गई थी।
2025 की शुरुआत में, DRDO ने स्क्रैमजेट इंजन को 1,000 सेकंड तक सफलतापूर्वक संचालित किया—यह लंबी दूरी तक हाइपरसोनिक गति बनाए रखने वाली मिसाइलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। DRDO ने थर्मल मैनेजमेंट तकनीक भी विकसित की है, जिससे अत्यधिक गर्मी से मिसाइल को संरक्षित रखा जा सके।

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