भारत ने इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है ‘AMCA’ यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट। खास बात यह है कि इसके Mk-II वर्जन में एक इंसानी पायलट के साथ एक AI आधारित ई-पायलट भी मौजूद होगा, जो युद्ध के समय पायलट का सह-पायलट बनकर कई अहम फैसलों में मदद करेगा।
AMCA: भारत का अगला सुपरसोनिक योद्धा
AMCA भारत का पहला स्टील्थ (रडार से बचने वाला) फाइटर जेट होगा, जो पांचवीं पीढ़ी की तकनीकों से लैस होगा। यह विमान तेजस की सफलता के बाद भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता का अगला बड़ा कदम है। इसमें रडार-चोरी तकनीक, सुपरक्रूज़ क्षमता (बिना आफ्टरबर्नर के तेज गति), और नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर जैसी सुविधाएं होंगी।
लेकिन सबसे बड़ी खासियत होगी इसका ‘AI ई-पायलट’ एक डिजिटल को-पायलट होगा जो युद्ध के मैदान में इंसान के साथ-साथ सोचेगा, फैसला करेगा और कार्रवाई को भी तेजी से अंजाम देगा। ये फाईटर जेट को उड़ाने में भी पूरी तरह से ट्रेंड होगा।
ई-पायलट: सिर्फ मशीन नहीं, एक बुद्धिमान सहयोगी
DRDO की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा विकसित यह AI ई-पायलट सिस्टम एक तरह का वर्चुअल को-पायलट है। पारंपरिक लड़ाकू विमानों में दो सीटें होती हैं। एक उड़ान के लिए, और दूसरी मिशन संचालन के लिए। लेकिन AMCA एक सिंगल-सीट जेट है, और यही काम अब AI करेगा। जिससे ये फाइटर जेट और भी घातक हो जायेगा।

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