इस योजना के तहत किसानों को लागत में राहत देने के लिए ₹20,000 तक का अनुदान दो किश्तों में प्रदान किया जाएगा। पहली किश्त के रूप में किसानों को ₹12,000 की सहायता राशि बीज क्रय हेतु दी जाएगी, जबकि शेष ₹8,000 का भुगतान फसल की भौतिक सत्यापन के बाद किया जाएगा। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर की खेती के लिए दी जाएगी और अनुदान का वितरण 60:40 के अनुपात में किया जाएगा।
सबसे खास बात यह है कि यह योजना रैयत (भूमि मालिक) और गैर रैयत (भूमिहीन) दोनों तरह के किसानों के लिए उपलब्ध है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें। इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यदि यह योजना सफल होती है, तो इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि राज्य की कृषि विविधता में भी उल्लेखनीय इजाफा होगा। सरकार के इस कदम से किसानों का मनोबल बढ़ेगा और वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नए विकल्पों की ओर रुख कर सकेंगे।

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