युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि होमगार्ड पदों पर भर्ती में युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। इसी उद्देश्य से अधिकतम आयु सीमा को घटाकर 30 वर्ष किया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी अधिक से अधिक संख्या में इस सेवा में जुड़ सके। यह निर्णय वर्तमान बल की औसत आयु को देखते हुए लिया गया है, क्योंकि मौजूदा बल में 50 वर्ष से अधिक आयु के स्वयंसेवकों की संख्या 51 प्रतिशत से अधिक है।
44,000 से अधिक पदों पर भर्ती
राज्य सरकार दो चरणों में 44,000 से अधिक पदों पर भर्ती करने की योजना बना रही है। फिलहाल 1,18,348 स्वीकृत पदों में से केवल 71,155 पदों पर ही स्वयंसेवक कार्यरत हैं। आने वाले वर्षों में लगभग 38,000 होमगार्ड सेवानिवृत्त होंगे, ऐसे में यह भर्ती प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती देने के लिए आवश्यक है।
चयन प्रक्रिया में हुआ बदलाव
पहली बार होमगार्ड भर्ती में लिखित परीक्षा को अनिवार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन से संबंधित अनुभव या प्रशिक्षण रखने वाले अभ्यर्थियों को पंजीकरण में प्राथमिकता दी जाएगी। यह दर्शाता है कि सरकार अब केवल संख्या नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर भी ध्यान दे रही है।
डिजिटल हो रहा है होमगार्ड विभाग
समस्त प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। ड्यूटी आवंटन, भत्तों का भुगतान, पेंशन और अन्य सुविधाएं अब ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगी। 'होमगार्ड मित्र' ऐप जैसी पहल से व्यवस्था पारदर्शी और सरल हुई है। इससे स्वयंसेवकों को समय पर सूचना और सेवाएं मिल रही हैं।
प्रशिक्षण की मजबूत व्यवस्था
राज्य में एक केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान और 12 मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र पहले से ही सक्रिय हैं, जहाँ हर साल 15,000 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाता है। यह व्यवस्था नई भर्ती के बाद और अधिक प्रभावी होगी। आज के समय में होमगार्ड की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रही है। पुलिस, यातायात, स्वास्थ्य, शिक्षा, खनन, परिवहन, नगरीय निकाय, दूरदर्शन, एफसीआई और यहां तक कि चुनावी कार्यों में भी इनकी सेवाएं ली जा रही हैं।
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