भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांगों को राहत
मुख्यमंत्री योगी ने साफ निर्देश दिए हैं कि महिलाओं की तरह ही भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांग नागरिकों को भी स्टांप शुल्क में छूट मिले। यह निर्णय न केवल सामाजिक न्याय को बढ़ावा देगा, बल्कि उन वर्गों को सम्मान भी देगा, जिन्होंने देश की सेवा की है या जिनकी विशेष जरूरतें हैं।
छोटे किरायेनामों पर भी छूट
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि 10 वर्ष तक की अवधि वाले लघु एवं मध्यम वर्ग के किरायेनामों पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाए। इससे छोटे व्यापारियों, किराएदारों और मकान मालिकों को राहत मिलेगी।
ई-भुगतान और आधार अनिवार्य
पांच जिलों में चल रहे पायलट प्रोजेक्ट से सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब पूरे राज्य में 20,000 रुपये से अधिक के निबंधन शुल्क के लिए ई-भुगतान अनिवार्य किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। साथ ही, आधार प्रमाणीकरण की सुविधा भी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जमीन के लेनदेन में धोखाधड़ी की संभावनाएं कम होंगी।
सिंगल विंडो और ई-पंजीकरण
प्राधिकरणों से जमीन लेने वाले लोगों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' के जरिए ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। इससे समय की बचत होगी और आम लोगों को इधर-उधर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही, उप-पंजीकरण कार्यालयों में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
महिलाओं को पहले से ज्यादा लाभ
पहले महिलाओं को केवल 10 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क में छूट मिलती थी, जिससे उन्हें लगभग 10,000 रुपये की बचत होती थी। लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे महिलाओं को लगभग 1 लाख रुपये तक का फायदा हो सकता है।
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