महिलाओं के लिए योजना की मुख्य बातें
1 .प्रारंभिक सहायता: हर परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए ₹10,000 की पहली किस्त सीधे बैंक खाते में दी जाएगी।
2 .आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक महिलाएं जल्द ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगी, जिसकी पूरी प्रक्रिया ग्रामीण विकास विभाग तय करेगा।
3 .दूसरी किस्त: रोजगार शुरू करने के 6 महीने बाद जरूरत के अनुसार ₹2 लाख तक की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सकेगी।
4 .स्थानीय विपणन की सुविधा: महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए गांव और शहरों में हाट बाजार बनाए जाएंगे।
क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण?
यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ रोजगार का विकेंद्रीकरण करने में मदद करेगी। अब महिलाओं को रोजगार के लिए अपने गांव या राज्य से बाहर जाने की मजबूरी नहीं होगी। यह बिहार जैसे राज्य के लिए खास मायने रखता है, जहां रोजगार की तलाश में पलायन एक बड़ी समस्या रही है।
महिला सशक्तिकरण की निरंतरता
नीतीश कुमार की सरकार 2005 से ही महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किए हुए है। चाहे वह पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50% आरक्षण देना हो या कन्या उत्थान योजनाएं, सरकार ने हमेशा महिलाओं की भूमिका को राज्य के विकास में अहम माना है। नई योजना इसी नीति की अगली कड़ी है, जिसका प्रभाव ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं पर पड़ेगा।

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