केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़े बदलाव की तैयारी, तुरंत पढ़ें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए जल्द ही हेल्थ सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चर्चाओं के अनुसार, CGHS (Central Government Health Scheme) को बंद कर एक नई इंश्योरेंस आधारित योजना CGEPHIS (Central Government Employees & Pensioners Health Insurance Scheme) लाने की तैयारी जोरों पर है। अगर यह योजना लागू होती है, तो यह पिछले कई दशकों में सबसे बड़ा सुधार माना जाएगा।

CGHS: अब तक की रीढ़, अब भविष्य अधर में?

CGHS दशकों से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की रीढ़ बनी हुई है। 7वें वेतन आयोग (2016–2025) के दौरान इसे डिजिटल और सरल बनाने के कई प्रयास किए गए। हाल ही में CGHS को लेकर कई अहम बदलाव हुए हैं, मसलन अब प्राइवेट अस्पतालों में कमरे की एलिजिबिलिटी कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर तय की जाती है।

इसके अलावा, CGHS कार्ड को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) से जोड़ने की योजना भी बनाई गई थी, हालांकि इसे अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। रैफरल की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया गया है। सरकारी अस्पतालों में अब बिना रैफरल इलाज संभव है और प्राइवेट अस्पतालों में एक ही रैफरल से तीन विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सकता है।

CGEPHIS: क्या होगा खास?

नया प्रस्तावित इंश्योरेंस आधारित हेल्थ स्कीम CGEPHIS के तहत अधिक आधुनिक और व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं देने का वादा किया जा रहा है। इससे न केवल प्राइवेट हेल्थकेयर एक्सेस बढ़ेगा, बल्कि उपचार में तेजी और विकल्प भी मिलेंगे। हालांकि, कर्मचारियों की यह भी मांग है कि अगर फिटमेंट फैक्टर और हेल्थ कॉन्ट्रीब्यूशन में वृद्धि होती है, तो स्वास्थ्य सुविधाएं भी उसी अनुपात में बेहतर होनी चाहिए।

8वें वेतन आयोग से नई उम्मीदें

सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की घोषणा हो चुकी है, हालांकि Terms of Reference (ToR) और चेयरमैन की नियुक्ति अभी लंबित है। अनुमान है कि वेतन में संशोधन और अन्य लाभ 2028 तक लागू होंगे, लेकिन प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 मानी जाएगी। कर्मचारी संगठनों की यह भी मांग है कि जब तक नई योजना लागू नहीं होती, तब तक CS(MA) और ECHS अस्पतालों को CGHS नेटवर्क में शामिल किया जाए।

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