भत्तों में बदलाव की तैयारी?
7वें वेतन आयोग में सरकार ने पे-सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई छोटे-मोटे भत्तों को समाप्त कर दिया था। अब ऐसा माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग में भी इसी नीति को आगे बढ़ाया जा सकता है। ट्रैवल अलाउंस, स्पेशल ड्यूटी अलाउंस, क्षेत्रीय भत्ते और कुछ विभागीय लाभों पर कैंची चलने की संभावना जताई जा रही है। इसका उद्देश्य दोहरा बताया जा रहा है। एक ओर प्रशासनिक बोझ कम करना और दूसरी ओर वेतन प्रणाली को अधिक संगठित बनाना। हालांकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर कुछ भत्तों को हटाया जाता है, तो उसकी भरपाई बेसिक वेतन या अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी करके की जानी चाहिए, ताकि कर्मचारियों पर वित्तीय भार न बढ़े।
महंगाई भत्ता और पेंशन में भी बदलाव संभव
8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा सिर्फ भत्तों तक सीमित नहीं है। जानकारों का मानना है कि यह आयोग महंगाई भत्ते (DA), पेंशन स्ट्रक्चर और रिटायरमेंट लाभों में भी नई सिफारिशें ला सकता है। देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक स्थितियों के बीच कर्मचारियों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
नए वेतन आयोग को लेकर अभी क्या है स्थिति?
सरकार की ओर से टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) तय किया जाना बाकी है, जो यह स्पष्ट करेगा कि आयोग किन बिंदुओं पर सिफारिशें देगा। एक बार ToR जारी हो जाने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी कि यह वेतन आयोग सिर्फ भत्तों में फेरबदल तक सीमित रहेगा या व्यापक वेतन पुनर्गठन की ओर बढ़ेगा।
कर्मचारियों में उम्मीदें और आशंकाएं दोनों
जहां एक ओर कर्मचारी संगठन इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि कहीं कोई कटौती न हो, वहीं दूसरी ओर कई कर्मचारी यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार बेसिक पे और अन्य भत्तों में अच्छी बढ़ोतरी होगी। खासकर वे कर्मचारी जो 7वें वेतन आयोग के बाद से किसी बड़े वेतन संशोधन का इंतज़ार कर रहे हैं, उनके लिए यह आयोग बड़ी राहत लेकर आ सकता है।

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