योजना किसके लिए है?
इस योजना का लाभ एक्वाकल्चर किसान, मत्स्य पालक, केजकल्चर से जुड़े मत्स्य कृषक, स्वयं सहायता समूह, सहकारी संस्थाएं, एफपीओ और मछली पालन से जुड़े सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी उठा सकते हैं। विशेष रूप से कतला, रोहु, मुगल, कामन कार्प जैसी देसी मछलियां पालने वाले इसका फायदा ले सकते हैं।
बीमा के विकल्प
इस योजना में दो प्रकार के बीमा विकल्प उपलब्ध हैं:
मूलभूत बीमा: बाढ़, चक्रवात, प्रदूषण, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा।
व्यापक बीमा: मूलभूत बीमा के सभी जोखिमों के साथ मछलियों में होने वाले रोग और अतिरिक्त जोखिमों से भी सुरक्षा।
सरकार का प्रोत्साहन
जो किसान प्रीमियम राशि का भुगतान कर बीमा पॉलिसी लेते हैं, उन्हें सरकार 40% तक प्रोत्साहन राशि के रूप में वापस देती है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों को अतिरिक्त 10% प्रोत्साहन राशि मिलेगी।वन टाइम इन्सेंटिव की अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये। जबकि अनुसूचित जाति/जनजाति और महिलाओं के लिए अधिकतम 1 लाख 10 हजार रुपये।
फार्म साइज और पात्रता
जल विस्तार क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपये और अधिकतम 4 हेक्टेयर वाटर स्प्रेड एरिया तक। अन्य गहन एक्वाकल्चर प्रणालियों जैसे RAS, केज, बायोफ्लाक, रेसवे की सीमा 1800 घनमीटर है। अधिक जानकारी के लिए किसान बिहार मत्स्य विभाग की वेबसाइट https://nfdp.dof.gov.in पर विजिट करें।

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