केंद्र सरकार का इकोनॉमी सर्वे: नागरिकों के लिए 10 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया गया इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 यह साफ कर गया कि भारत की अर्थव्यवस्था न केवल स्थिर है, बल्कि तेजी से आगे बढ़ रही है। इसे आप देश का सालाना आर्थिक रिपोर्ट कार्ड भी कह सकते हैं। सर्वे के मुताबिक, दुनिया भर में चाहे जितनी भी आर्थिक उथल-पुथल हो, भारत की अर्थव्यवस्था बुलेट ट्रेन की तरह दौड़ने को तैयार है।

सर्वे ने आम नागरिकों के लिए कई अहम संदेश दिए हैं।

1. GDP ग्रोथ का अनुमान

भारत की GDP ग्रोथ 2027 में 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है। मीडियम टर्म में यह दर लगभग 7% के करीब बनी रहेगी। यानी आर्थिक मंदी की कोई संभावना नहीं है और यह साल निवेश और खपत का साल रहने वाला है।

2. महंगाई पर नियंत्रण

सर्वे ने भरोसा दिलाया कि महंगाई नियंत्रण में रहेगी। सरकार सप्लाई चेन को मजबूत कर रही है और ‘बफर स्टॉक’ बनाए रख रही है ताकि प्याज, टमाटर या दाल जैसी जरूरी चीजों के दाम अचानक न बढ़ें।

3. अमेरिका के साथ ट्रेड डील

अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। अगर डील फाइनल होती है, तो बाहरी अनिश्चितताएं कम होंगी और निजी निवेश में वृद्धि देखने को मिलेगी।

4. GST और टैक्स सुधार

GST दरों में कटौती से बाजार में मांग बढ़ी है। इसके अलावा, E-WAY बिल सिस्टम को सुधारने की योजना है, जिससे माल ढुलाई आसान होगी और टैक्स चोरी कम होगी। सरकार का ध्यान बेहतर डेट मैनेजमेंट पर भी है।

5. रुपये की स्थिति

वैश्विक संकट के बावजूद सर्वे ने स्पष्ट किया कि रुपये की कमजोरी अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति नहीं दिखाती। भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

6. विकास कार्यों के लिए फंड

सरकार ने विकास कार्यों के लिए खजाना खोल रखा है। जनवरी 2026 तक राज्यों को करीब 83,600 करोड़ रुपये का कैपेक्स लोन दिया गया। इसके अलावा, कुछ सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर भी फंड जुटाए जाएंगे।

7. तकनीकी उन्नति

सर्वे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य हर सेक्टर में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना और उत्पादकता को सुधारना है।

8. शहरीकरण

सर्वे में शहरी क्षेत्रों के सुधार पर भी फोकस है। शहरों को बेहतर, स्मार्ट और टिकाऊ बनाने की दिशा में काम हो रहा है।

9. इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP)

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी सुधार दिखाई दे रहा है। FY26 में IIP 5.9% से बढ़कर 6.2% होने का अनुमान है, जो उत्पादन और रोजगार दोनों के लिए सकारात्मक संकेत है।

10. निवेश और खपत का साल

सर्वे के मुताबिक, 2026 निवेश और खपत के लिए सुपर एक्टिव साल रहेगा। सरकारी सुधार, टैक्स कटौती और तकनीकी बदलाव का असर आम नागरिकों तक पहुंचेगा।

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