उत्तर प्रदेश कैबिनेट के 7 बड़े फैसले
1. शिक्षकों और शिक्षा कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा
उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 3 लाख से अधिक कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा की घोषणा की। इसमें शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (CWSN), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन, पूर्णकालिक/अंशकालिक शिक्षक और प्रधानमंत्री पोषण योजना की रसोइयां शामिल हैं। यह कदम शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण को मजबूत करेगा।
2. उत्तर प्रदेश में बजट सत्र की तारीखें तय
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 से 11 फरवरी तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सदनों को संबोधित करेंगी। दूसरे दिन विधायकों और पूर्व विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। तीसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। पिछला बजट 8,08,736 करोड़ रुपए का था, जिसमें 28,478.34 करोड़ रुपए की नई योजनाएं शामिल थीं।
3. शहरी विकास और अमृत 2.0 योजना
अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत 2.0) के तहत गोरखपुर नगर निगम में जोन ए-3 सीवरेज योजना के लिए 721.40 करोड़ रुपए और वाराणसी के 18 प्रभावित वार्डों में सीवर लाइन और गृह संयोजन परियोजना के लिए 266.49 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। इससे शहरों में बुनियादी ढांचे में सुधार और जल निकासी की समस्या कम होगी।
4. नए नियमावली और नीतियों की मंजूरी
कैबिनेट ने कई नई नियमावली और नीतियों को हरी झंडी दी, जैसे: उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिह्न और विज्ञापनों का विनियमन) नियमावली 2026, शहरी पुनर्विकास नीति-2026, विकास शुल्क प्रणाली में संशोधन, मोटरयान कराधान अधिनियम में बदलाव और इलेक्ट्रिक वाहनों पर पंजीकरण शुल्क में छूट, फेसलेस सेवाओं की शुरुआत।
5. विज्ञान और तकनीकी विकास
बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना के लिए विकास प्राधिकरण को नामित किया गया। यह कदम राज्य में विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देगा।
6. बुनियादी ढांचा और परिवहन सुधार
वाराणसी-चंदौली और देवरिया मार्गों का चौड़ीकरण, पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क (लखनऊ-हरदोई) के लिए जलापूर्ति परियोजना (458.50 करोड़ रुपए), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का विस्तार, उप निबंधक कार्यालयों में अभिलेखों का डिजिटाइजेशन, नोएडा में मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन का गठन।
7. सहकारी और कृषि क्षेत्र के फैसले
गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना का विस्तार और आधुनिकीकरण, सहकारी चीनी मिल्स संघ को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए ऋण पर शासकीय गारंटी, बहराइच में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि व्यवस्था।
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