शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को अब इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। इस योजना के तहत सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत: शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (CWSN), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना में कार्यरत रसोइया, सभी को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ इन कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्य भी उठा सकेंगे।
माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों को भी बड़ी सौगात
सरकार ने केवल बेसिक शिक्षा तक ही यह सुविधा सीमित नहीं रखी है। कैबिनेट बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले: अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों, स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे लंबे समय से स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहे माध्यमिक शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।
शिक्षकों के मनोबल को मिलेगा बल
सरकार का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और वे बिना किसी चिंता के अपने शिक्षण कार्य पर ध्यान दे सकेंगे। खासकर कम वेतन पर काम करने वाले शिक्षामित्र, रसोइया और अंशकालिक शिक्षकों के लिए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य-दोनों पर फोकस
इन फैसलों से साफ है कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ उससे जुड़े कर्मचारियों के सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी ध्यान दे रही है। कैशलेस इलाज जैसी सुविधा से न केवल आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि समय पर बेहतर इलाज भी संभव हो सकेगा।
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