माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और बिजली ने दी रफ्तार
इस तेज़ उछाल के पीछे खनन, विनिर्माण और बिजली उत्पादन जैसे प्रमुख क्षेत्रों का शानदार प्रदर्शन रहा। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के अनुसार, दिसंबर 2024 में जहां यह वृद्धि सिर्फ 3.7 फीसदी थी, वहीं दिसंबर 2025 में यह दोगुने से भी अधिक हो गई।
सरकारी बयान में कहा गया है कि नवंबर 2025 में भी औद्योगिक गतिविधियों में मजबूती दिखी थी और उस महीने की ग्रोथ को संशोधित करते हुए 7.2 फीसदी कर दिया गया है। इससे साफ है कि साल के आखिरी महीनों में उद्योगों ने जबरदस्त पकड़ बनाई।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना ग्रोथ का इंजन
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन 8.1 फीसदी बढ़ा, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 3.7 फीसदी था। खनन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला, जहां उत्पादन 6.8 फीसदी बढ़ा। बिजली उत्पादन में भी स्थिर मजबूती रही और इसमें 6.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
नवंबर के आंकड़े भी संशोधित
NSO ने नवंबर 2025 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के अनुमान को भी बढ़ाया है। पहले इसे 6.7 फीसदी बताया गया था, लेकिन नए आंकड़ों के अनुसार यह 7.2 फीसदी रही। इससे संकेत मिलता है कि औद्योगिक रफ्तार उम्मीद से ज्यादा तेज रही है।
भारत की आर्थिक ताकत का संदेश
EU के साथ बड़े व्यापार समझौते और औद्योगिक उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने यह साफ कर दिया है कि भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। यही वजह है कि जहां अमेरिका हैरान है, वहीं चीन के लिए यह आंकड़े चिंता का सबब बन सकते हैं। भारत तेजी से एक मजबूत औद्योगिक और व्यापारिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
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