टेंडर से लेकर आउटसोर्सिंग तक सख्ती
स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकायों में टेंडर प्रक्रिया और आउटसोर्सिंग कंपनियों के चयन में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी टेंडर में अनियमितता या पक्षपात की शिकायत मिलेगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कार्रवाई तय होगी।
264 नगर निकायों में माफियाओं पर शिकंजा
समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि कई नगर निगमों और नगर परिषदों में माफियाओं का प्रभाव बना हुआ है। ठेकों में हेरफेर, काम की गुणवत्ता से समझौता और दबाव बनाकर नियमों को ताक पर रखने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि शहरी प्रशासन को भयमुक्त बनाया जा सके।
सरकारी जमीन पर कब्जे पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कई शहरी इलाकों में माफियाओं द्वारा पार्क, सड़क किनारे की जमीन और अन्य सरकारी संपत्तियों पर कब्जा किए जाने की जानकारी सामने आई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन मामलों में चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर भी सहयोग लिया जाएगा।

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