अब पंचायत में डिजिटल भुगतान
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड जैसी सरकारी सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क डिजिटल माध्यम से जमा कर सकेंगे। क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करने से न तो लोगों को भटकना पड़ेगा और न ही नकद लेनदेन की जरूरत होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और हर लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा।
कई ग्राम पंचायतों से हुई शुरुआत
प्रदेश के कई ग्राम पंचायतों में इस योजना को लागू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इन पंचायतों के ओएसआर खातों को सक्रिय कर डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाएगा, ताकि पंचायतें अपनी आय के स्रोतों का बेहतर प्रबंधन कर सकें और उसी धन से गांवों के विकास कार्य कराए जा सकें।
समर्थ पोर्टल और QR कोड से जुड़ेगा
सरकार समर्थ पोर्टल के जरिए कर और गैर-कर राजस्व संग्रह को मजबूत कर रही है। क्यूआर कोड आधारित भुगतान से पंचायत सहायकों को सीधे पंचायत के खाते में शुल्क जमा करना होगा। इससे पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे विकास कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगी।
पंचायत कर्मियों को मिल रहा प्रशिक्षण
इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आईआईएम (भारतीय प्रबंधन संस्थान) के सहयोग से ग्राम सचिवों और पंचायत कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें नई तकनीक, डिजिटल भुगतान प्रणाली और ऑनलाइन सेवाओं के संचालन की जानकारी दी जा रही है।
पंचायतो में 243 सेवाएं होंगी ऑनलाइन
इस पहल के बाद ग्राम पंचायत सचिवालय आधुनिक स्वरूप में काम करेंगे। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड सहित सरकार की करीब 243 सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। क्यूआर कोड से भुगतान होने पर केवल निर्धारित शुल्क ही लिया जा सकेगा, जिससे मनमानी पर रोक लगेगी।
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