ई-निबंधन की जिम्मेदारी जीविका दीदियों को
नीतीश सरकार ने निबंधन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और जीविका (बिहार ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन समिति) को संयुक्त रूप से यह जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत साक्षर और तकनीकी रूप से सक्षम जीविका दीदियां ग्रामीण इलाकों में ई-निबंधन कराएंगी और लोगों को इसके प्रति जागरूक भी करेंगी। इन्हें “डिजिटल दीदी सह सक्षमा दीदी” के नाम से जाना जाएगा।
प्रशिक्षण और संसाधनों की व्यवस्था
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही चयनित जीविका दीदियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें कंप्यूटर संचालन, इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन फॉर्म भरने, दस्तावेज अपलोड करने और निबंधन शुल्क जमा करने की पूरी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही चयनित दीदियों को कंप्यूटर, प्रिंटर और वाई-फाई जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह योजना पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी।
किन दीदियों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने मैट्रिक, इंटरमीडिएट, कंप्यूटर डिप्लोमा या अन्य तकनीकी शिक्षा प्राप्त एक हजार से अधिक जीविका दीदियों को इस कार्य के लिए प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। ये दीदियां केवल भूमि ई-निबंधन ही नहीं, बल्कि विवाह निबंधन, गोदनामा निबंधन जैसी अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को देंगी।
जीविका नेटवर्क से मिलेगा फायदा
वर्तमान में बिहार में लगभग 1.50 करोड़ जीविका दीदियां सक्रिय हैं। राज्य के प्रत्येक प्रखंड में जीविका कार्यालय संचालित हैं, जहां सैकड़ों दीदियां कार्यरत हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में दीदी अधिकार केंद्र भी संचालित हो रहे हैं, जहां विभिन्न प्रमाण-पत्र संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं।
ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत
इस पहल से ग्रामीणों को ई-निबंधन प्रक्रिया समझने में आसानी होगी और निबंधन कार्य तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगा। साथ ही, गांव स्तर पर ही डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

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