बागवानी योजनाओं को मिली मंजूरी
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत देवरिया को सकर शाकभाजी उत्पादन, फेंसिंग, लो-कॉस्ट मशरूम इकाई, एचडीपीई वर्मी बेड और सब्जियों पर मचान निर्माण जैसी योजनाओं का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इन सभी योजनाओं का क्रियान्वयन मार्च 2026 तक किया जाएगा, जिससे किसानों को समयबद्ध तरीके से लाभ मिल सके।
ऑनलाइन पंजीकरण से मिलेगा लाभ
इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल dbt.uphorticulture.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। लाभार्थियों का चयन प्रथम आवक–प्रथम पावक (पहले आओ, पहले पाओ) के आधार पर किया जाएगा। हालांकि, एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत पहले से पंजीकृत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से बढ़ेगा उत्पादन
चयनित लाभार्थियों को ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा। इससे पानी की बचत होगी, फसलों की गुणवत्ता सुधरेगी और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल खासतौर पर जल संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
इस योजना का उद्यमियों के लिए भी अच्छी खबर
किसानों के साथ-साथ उद्यमियों को भी प्रोत्साहित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र उसरा बाजार में चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शासन की मंशा के अनुरूप कारखाना पंजीयन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सेमिनार में कारखाना अधिनियम और पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

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