नियुक्ति पत्र होगा अनिवार्य
नए बिल के अनुसार, किसी भी कर्मचारी को चाहे वह स्थायी, अस्थायी, संविदा, दिहाड़ी या आउटसोर्सिंग पर हो, नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। इसमें सेवा शर्तों और वेतन की पूरी जानकारी शामिल होगी। साथ ही, फिक्स टर्म रोजगार के लिए ग्रेच्युटी का प्रावधान भी बिल में रखा गया है।
बेसिक पे और हेल्थ चेकअप
कंपनियों को कर्मचारियों का बेसिक पे कुल सैलरी का कम से कम 50 प्रतिशत रखना होगा। इससे ईपीएफ और ईएसआई में सही योगदान सुनिश्चित होगा। इसके अलावा, 40 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों का सालाना स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य होगा।
पूरे देश में एक ही लाइसेंस
बिल के लागू होने के बाद उद्यमियों को देश के किसी भी राज्य में व्यवसाय खोलने के लिए एक ही लाइसेंस मान्य होगा। अब उद्यमियों को अलग-अलग राज्यों के लिए अलग लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी।
इंस्पेक्टर होंगे फैसिलिटेटर
नई व्यवस्था में लेबर इंस्पेक्टर का नाम बदलकर फैसिलिटेटर कर दिया गया है। उनका अधिकार सीमित होगा और वे केवल समझौता शुल्क वसूल सकेंगे। बार-बार नियम उल्लंघन करने पर ही FIR का प्रावधान रहेगा। इससे उद्योग जगत पर इंस्पेक्टर राज खत्म होगा।
रिटर्न फाइलिंग आसान
पहले जहां 78 रजिस्टर पर रिटर्न फाइल करनी होती थी, नए बिल में सिर्फ आठ रजिस्टर की आवश्यकता होगी। यह कदम उद्योगों और ट्रेड यूनियनों के लिए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएगा।
राज्य में तैयारियां
उत्तर प्रदेश श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही के अनुसार, चार लेबर कोड बिल अप्रैल से लागू होने की तैयारी पूरी है। विधि विभाग से संशोधन और आपत्तियों के बाद बिल का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

0 comments:
Post a Comment