दो गायों की यूनिट पर मिलेगा अनुदान
योजना के तहत साहीवाल, गीर, थारपारकर और गंगातिरी जैसी देशी नस्ल की गायों के पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। पशुपालक दो गायों की यूनिट स्थापित कर सकेंगे। इस यूनिट की अनुमानित लागत करीब 2 लाख रुपये रखी गई है। इसमें सरकार की ओर से 40 प्रतिशत तक सहायता यानी करीब 80 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इससे छोटे पशुपालकों को भी देशी गाय पालन शुरू करने में मदद मिलेगी।
ऐसे पशुपालकों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
जिन पशुपालकों के पास पहले से देशी नस्ल की गाय है और वह अच्छा दूध उत्पादन कर रही है, उन्हें भी योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अगर गाय 10 लीटर से ज्यादा दूध देती है तो पशुपालक को 10 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है। वहीं 15 लीटर से अधिक दूध देने वाली गाय के लिए 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।
देशी गायों की खासियत
देशी नस्ल की गायों को बेहतर गुणवत्ता और अनुकूल परिस्थितियों में रहने की क्षमता के लिए जाना जाता है।
गीर गाय अच्छी दूध देने वाली नस्लों में शामिल है और यह प्रतिदिन करीब 14 से 16 लीटर तक दूध दे सकती है।
साहीवाल गाय भी अधिक दूध उत्पादन वाली नस्ल मानी जाती है। यह लंबे समय तक दूध देने की क्षमता रखती है।
थारपारकर गाय गर्म क्षेत्रों में आसानी से रह सकती है और अच्छी दुग्ध क्षमता के लिए जानी जाती है। यह कई महीनों तक दूध उत्पादन कर सकती है।
आवेदन कैसे करें?
पशुपालक योजना का लाभ लेने के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पात्र पशुपालकों को नियमों के अनुसार अनुदान और प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाएगा। सरकार की यह पहल पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।

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