नई व्यवस्था के अनुसार नगर निकाय सीमा से बाहर भारी वाहनों की अधिकतम रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। वहीं गांव, बाजार और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरते समय इन वाहनों की गति और कम करके 30 किलोमीटर प्रति घंटा रखनी होगी।
किन रास्तों पर लागू हुआ नया नियम?
यह नई गति सीमा जिले के कई प्रमुख मार्गों पर लागू की गई है। इनमें दलपतपुर-अलीगंज मार्ग, स्टेट हाईवे-149, मुरादाबाद-हरिद्वार/देहरादून मार्ग, अलीगढ़-मुरादाबाद (एनएच-509), मुरादाबाद-गवां-बुलंदशहर मार्ग, मुरादाबाद-टांडा-दढ़ियाल मार्ग और वहसुमा-चांदपुर-ठाकुरद्वारा-जसपुर मार्ग शामिल हैं। इन रास्तों पर छोटे वाहनों और दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।
हादसों को रोकने के लिए फैसला
जिला सड़क सुरक्षा समिति ने बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए यह कदम उठाया है। अधिकारियों का मानना है कि तेज रफ्तार भारी वाहन आबादी वाले क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खतरा पैदा करते हैं। ऐसे इलाकों में पैदल चलने वाले लोगों और बाइक सवारों की सुरक्षा के लिए गति कम करना जरूरी है।
लगाए जाएंगे नए स्पीड बोर्ड
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर साफ दिखाई देने वाले स्पीड लिमिट बोर्ड लगाए जाएं। रात के समय भी वाहन चालकों को गति सीमा आसानी से दिखाई दे, इसके लिए मानकों के अनुसार संकेतक लगाए जाएंगे। शुरुआत में वाहन चालकों को नए नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके बाद ओवरस्पीडिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इन वाहनों को मिलेगी छूट
नई गति सीमा के नियमों में कुछ जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को राहत दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस वाहन, सेना, अर्धसैनिक बल और आपदा प्रबंधन से जुड़े वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
ओवरस्पीड पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस जल्द ही विशेष अभियान चलाकर वाहनों की जांच करेगी। तय सीमा से ज्यादा गति में वाहन चलाने वालों पर चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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